यदि मुझे गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप हो जाए तो क्या होगा?HealthPlanet

Posted on Mon 5th Dec 2022 : 09:24

जब प्रेग्‍नेंसी से पहले या प्रेग्‍नेंसी के 20 हफ्ते से पहले ब्‍लड प्रेशर 140/90 एमएम एचजी हो तो उसे क्रोनिक हाइपरटेंशन कहा जाता है। इसकी वजह से प्रीक्‍लैंप्‍सिया, शिशु के विकास में रुकावट, प्‍लेसेंटा एब्‍रप्‍शन और प्रीटर्म बर्थ हो सकता है। क्रोनिक हाइपरटेंशन से सिजेरियन डिलीवरी की संभावना भी बढ़ जाती है।


न्यूज
राज्य
Viral
मनोरंजन
लाइफस्टाइल
दुनिया
बिज़नस
एजुकेशन
धर्म
खेल
टेक

लाइफस्टाइल
रिलेशनशिप
हेल्थ
फैमिली
फैशन
ब्यूटी & स्किन
होम डेकोर हैक्स
एक्सपर्ट की सलाह
खान-पान
फोटो
वीडियो
लाइफस्टाइल वेब स्टोरी
हेल्थ वेब स्टोरी
ब्यूटी वेब स्टोरी

ट्रेंडिंग

हाई यूरिक एसिड का आयुर्वेदिक उपचार
एनआईसीयू केयर
मिस थाईलैंड ने पहनी कचरे से बनी ड्रेस
13 साल की लड़की के पिता से शादी

Hindi NewslifestyleFamilyhigh blood pressure in pregnancy in hindi

हाई ब्‍लड प्रेशर की मरीज हैं तो मुश्किल है आपकी नॉर्मल डिलीवरी, जानिए क्‍यों
parul rohatagi | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated: 15 Dec 2020, 9:50 am
249
Subscribe
प्रेग्‍नेंसी के दौरान हाई बीपी होने पर नॉर्मल डिलीवरी की बजाय सिजेरियन ऑपरेशन होने की संभावना अधिक होती है।
high blood pressure in pregnancy
ऐसा देखा गया है कि 100 में से लगभग 8 महिलाओं को हाई बीपी की परेशानी होती है जिसकी वजह से मां और बच्‍चे को दिक्‍कत हो सकती है। इसकी वजह से प्रीक्‍लैंप्‍सिया, जेस्‍टेशनल डायबिटीज, हार्ट अटैक, किडनी फेलियर, प्रीमैच्‍योर डिलीवरी, लो बर्थ वेट और स्टिलबर्थ आदि का कारण बन सकता है।

गर्भावस्‍था में हाई ब्‍लड प्रेशर आपकी डिलीवरी के विकल्‍पों काे भी प्रभावित कर सकता है। यदि किसी महिला को प्रेग्‍नेंसी में हाई बीपी की परेशानी हो जाती है तो उनके सिजेरियन ऑपरेशन का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, अगर लंबे समय से हाई बीपी की प्रॉब्‍लम हो तो 10 में से 10 महिलाओं की ऑपरेशन से डिलीवरी होती है।

अमेज़न रिपब्लिक डे सेल- स्मार्ट टीवी पर 60% तक की छूट- अभी अपग्रेड करें |


क्रोनिक यानी दीर्घकालिक या लंबे समय से चली आ रही। क्रोनिक ब्‍लड प्रेशर की वजह से प्रीटर्म बर्थ भी हो सकता है जिसमें बच्‍चा 37 हफ्ते पूरे होने से पहले ही पैदा हो जाता है। आंकड़ों से भी पता चलता है कि गंभीर रूप से हाई बीपी से लगभग दो तिहाई महिलाओं की प्रीटर्म डिलीवरी हुई थी।


क्‍यों होती है परेशानी
आपको बता दें कि हाई बीपी प्‍लेसेंटा से पर्याप्‍त खून पाने से रोकता है। इसका मतलब है कि बच्‍चे को पर्याप्‍त मात्रा में ऑक्‍सीजन और खाना नहीं मिल पाता है। इसकी वजह से लो बर्थ वेट और प्रीमैच्‍योर बर्थ हो सकता है।

हाई बीपी में नॉर्मल डिलीवरी के चांसेस बहुत कम होते हैं, लेकिन अगर इसे कंट्रोल कर लिया जाए तो आप नॉर्मल डिलीवरी कर सकती हैं।

गर्भावस्‍था में होने वाले हाई बीपी के प्रकार
प्रेग्‍नेंसी में मुख्‍य तौर पर तीन तरी का हाई बीपी हो सकता है जो इस प्रकार हैं :

क्रोनिक हाइपरटेंशन
जब प्रेग्‍नेंसी से पहले या प्रेग्‍नेंसी के 20 हफ्ते से पहले ब्‍लड प्रेशर 140/90 एमएम एचजी हो तो उसे क्रोनिक हाइपरटेंशन कहा जाता है। इसकी वजह से प्रीक्‍लैंप्‍सिया, शिशु के विकास में रुकावट, प्‍लेसेंटा एब्‍रप्‍शन और प्रीटर्म बर्थ हो सकता है। क्रोनिक हाइपरटेंशन से सिजेरियन डिलीवरी की संभावना भी बढ़ जाती है। डिलीवरी के बाद भी क्रोनिक हाइपरटेंशन बना रहता है।


जेस्‍टेशनल हाइपरटेंशन
प्रेग्‍नेंसी के 20वें हफ्ते के बाद हाई बीपी होने का जेस्‍टेशनल हाइपरटेंशन कहते हैं। कई मामलों में यह शिशु को नुकसान नहीं पहुंचाता है और ना ही इमसें कोई अन्‍य लक्षण दिखते हैं। यह प्रेग्‍नेंसी के दौरान या डिलीवरी के बाद ठीक हो जाता है। हालांकि, कई बार इसकी वजह से बच्‍चे का वजन सामान्‍य से कम हो सकता है।

प्रीक्‍लैंप्‍सिया
गर्भावस्‍था के 20वें सप्‍ताह के बाद अचानक से ब्‍लड प्रेशर बढ़ना प्रीक्‍लैंप्‍सिया कहलाता है। आमतौर पर ऐसा गर्भावस्‍था की तीसरी तिमाही में होता है। यह लिवर, किडली या मस्तिष्‍क को नुकसान पहुंचा सकता है। यह गंभीर स्थिति है जो कि मां और बच्‍चे दोनों को नुकसान पहुंचा सकती है। डिलीवरी के बाद भी प्रीक्‍लैंप्सिया हो सकता है जिसे पोस्‍टपार्टम प्रीक्‍लैंप्‍सिया कहते हैं।

गर्भावस्‍था में आप संतुलित आहार, योग, एक्‍सरसाइज करके और स्‍ट्रेस से दूर रहकर हाई बीपी की परेशानी से बच सकती हैं।

solved 5
wordpress 3 years ago 5 Answer
--------------------------- ---------------------------
+22

Author -> Poster Name

Short info